आगरा के सरोजिनी नायडू मेडिकल कॉलेज में बाल शल्य चिकित्सा विभाग ने तीन बेहद जटिल और चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन सफलतापूर्वक किए हैं। इन तीनों मामलों में कम उम्र के बच्चों की गंभीर और जटिल शल्य स्थितियों का सफल उपचार किया गया। सभी बच्चे अब स्वस्थ हैं और उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।पहला मामला 8 वर्षीय बच्ची का है, जिसके सीने की दीवार में करीब 12 बाई 10 सेंटीमीटर की बड़ी मायोफाइब्रोमा गांठ थी। इसका वजन एक किलोग्राम से भी अधिक था। गांठ का आकार बड़ा होने के साथ-साथ आसपास की मांसपेशियों और रक्त वाहिकाओं से इसके संबंध के कारण ऑपरेशन के दौरान रक्तस्राव का खतरा भी था। डॉक्टरों ने अत्याधुनिक हारमोनिक स्कैलपेल की मदद से गांठ को सुरक्षित तरीके से पूरी तरह निकाल दिया। ऑपरेशन के बाद बच्ची की हालत में लगातार सुधार हुआ और उसे स्वस्थ अवस्था में डिस्चार्ज कर दिया गया।दूसरा मामला 10 वर्षीय बालक का है, जिसमें करीब 6 बाई 5 सेंटीमीटर का फियोक्रोमोसाइटोमा पाया गया था। यह बच्चों में होने वाली एक दुर्लभ न्यूरोएंडोक्राइन गांठ है, जिसके कारण ऑपरेशन के दौरान ब्लड प्रेशर और हार्ट रेट में अचानक गंभीर बदलाव का खतरा रहता है। डॉक्टरों ने ऑपरेशन से पहले बच्चे की विशेष तैयारी की और सर्जरी के दौरान विशेषज्ञ निश्चेतना तथा लगातार निगरानी के बीच गांठ को सफलतापूर्वक निकाल दिया। ऑपरेशन के बाद बच्चा पूरी तरह स्थिर रहा और स्वस्थ होकर घर लौट गया।तीसरा मामला महज 8 महीने के शिशु का है। शिशु के सीने की दीवार और जबड़े के नीचे के हिस्से में बड़ी लिम्फैटिक मालफॉर्मेशंस मौजूद थीं। इनका विस्तार काफी अधिक था, जिसके कारण सर्जरी बेहद चुनौतीपूर्ण थी। ऑपरेशन के दौरान नसों, रक्त वाहिकाओं और आसपास की महत्वपूर्ण संरचनाओं को सुरक्षित रखते हुए सूक्ष्म शल्य तकनीक से इन विकृतियों को सफलतापूर्वक हटाया गया। शिशु का स्वास्थ्य भी तेजी से सुधरा और उसे स्वस्थ अवस्था में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।इन तीनों जटिल ऑपरेशनों का नेतृत्व एस.एन. मेडिकल कॉलेज के बाल शल्य चिकित्सा विभाग के प्रोफेसर डॉ. राजेश गुप्ता ने किया। उन्होंने बताया कि बच्चों में जटिल शल्य स्थितियों का समय पर निदान, सही ऑपरेशन-पूर्व योजना और अनुभवी बहु-विषयक टीम के सहयोग से सुरक्षित और प्रभावी उपचार संभव है।एस.एन. मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य एवं देव डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बाल शल्य चिकित्सा विभाग की इस उपलब्धि की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे जटिल ऑपरेशनों की सफलता संस्थान में उपलब्ध उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाओं और विशेषज्ञों की दक्षता को दर्शाती है। कॉलेज प्रशासन मरीजों को बेहतर और अत्याधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत है।तीनों बच्चों की सफल सर्जरी के बाद उनका स्वस्थ होकर घर लौटना उनके परिवारों के लिए बड़ी राहत और खुशी की बात है। साथ ही, यह उपलब्धि एस.एन. मेडिकल कॉलेज, आगरा में उन्नत बाल शल्य चिकित्सा सेवाओं की क्षमता को भी दर्शाती है।





