आगरा में मेट्रो के नवनिर्मित मनकामेश्वर से आईएसबीटी सेक्शन का दो दिवसीय सीएमआरएस निरीक्षण सफलतापूर्वक पूरा हो गया है। मेट्रो रेल संरक्षा आयुक्त नीलाभ्र सेनगुप्ता और उनकी पांच सदस्यीय टीम ने इस दौरान स्टेशन, ट्रैक, सिग्नलिंग, विद्युत आपूर्ति और यात्री सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया।निरीक्षण के दूसरे दिन मनकामेश्वर स्टेशन से मेट्रो ट्रेन के जरिए नवनिर्मित सेक्शन का परीक्षण किया गया। इस दौरान ट्रेन को अधिकतम 80 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ाकर हाई-स्पीड, स्पीड और ब्रेकिंग टेस्ट सफलतापूर्वक किए गए।इसके साथ ही ताज ईस्ट गेट से आईएसबीटी तक पूरे कॉरिडोर की फाइनल इंटीग्रेटेड टेस्टिंग भी पूरी कर ली गई। इस दौरान सिग्नलिंग, टेलीकॉम, विद्युत आपूर्ति, ट्रैक और ट्रेन संचालन से जुड़ी सभी प्रमुख प्रणालियों का एकीकृत परीक्षण किया गया।सिग्नलिंग सिस्टम की जांच के दौरान कॉलिजन टेस्ट भी किया गया। दो ट्रेनों को आमने-सामने लाकर टक्कर जैसी स्थिति बनाई गई। निर्धारित दूरी पर पहुंचते ही बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के ट्रेनों में ऑटोमेटिक ब्रेक लग गए। इससे आगरा मेट्रो की सुरक्षा और आधुनिक सिग्नलिंग व्यवस्था की प्रभावशीलता का परीक्षण किया गया।सीएमआरएस टीम ने एसएन मेडिकल कॉलेज, आगरा कॉलेज, राजा की मंडी, आरबीएस कॉलेज और आईएसबीटी सहित सभी स्टेशनों का भी निरीक्षण किया। स्टेशन कंट्रोल रूम, तकनीकी कक्ष, एस्केलेटर, लिफ्ट, फायर अलार्म सिस्टम और प्लेटफॉर्म की व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया गया।यूपीएमआरसी के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने कहा कि यात्री सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सीएमआरएस निरीक्षण के दौरान सभी तकनीकी एवं सुरक्षा मानकों की वैज्ञानिक तरीके से जांच की जाती है।फाइनल इंटीग्रेटेड टेस्टिंग पूरी होने के बाद आगरा मेट्रो सेवाएं 21 अगस्त से निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार संचालित होंगी। मनकामेश्वर से आईएसबीटी तक मेट्रो का यह विस्तार शहर के व्यस्त क्षेत्रों में आवागमन को और अधिक तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने में महत्वपूर्ण साबित होगा। संवाददाता: राम माहौर








