आगरा, 17 अगस्त 2026। ऐतिहासिक आगरा की धरती पर छत्रपति शिवाजी महाराज से जुड़े स्थलों को विश्वस्तरीय विरासत एवं पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। इसको लेकर सर्किट हाउस में उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों, जिलाधिकारी तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों की संयुक्त समिति की बैठक हुई। बैठक में उत्तर प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री श्री योगेन्द्र उपाध्याय, महाराष्ट्र सरकार के कैबिनेट मंत्री श्री भरत सेठ गोगावले एवं श्री जयकुमार रावल तथा जिलाधिकारी श्री मनीष बंसल प्रमुख रूप से मौजूद रहे। बैठक का मुख्य केंद्र कोठी मीना बाजार में छत्रपति शिवाजी महाराज के भव्य स्मारक के निर्माण और उससे जुड़े ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण एवं विकास पर रहा। जिलाधिकारी मनीष बंसल ने बताया कि स्मारक के निर्माण के लिए कोठी का अधिग्रहण शासन द्वारा किया जा चुका है और वर्तमान में भूमि शासन के अधिकार में है। स्थल पर निवासरत परिवारों के पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन के लिए उनसे संवाद किया जा रहा है। बैठक में उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र सरकार के बीच बेहतर समन्वय के लिए संयुक्त समिति और कार्य समूह गठित करने, नोडल अधिकारियों की नियुक्ति तथा एमओयू या सहमति-पत्र तैयार करने पर सहमति बनी। इसके माध्यम से परियोजना के डिजाइन, वित्तीय सहभागिता, संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारियां तय की जाएंगी। परियोजना के तहत संबंधित ऐतिहासिक स्थलों का संयुक्त सर्वे, मैपिंग और विरासत आकलन कराया जाएगा। ऐतिहासिक भवनों, घुड़साल से जुड़े पुराने हिस्सों, हरित क्षेत्र और अन्य ऐतिहासिक अवशेषों को संरक्षित करने के साथ ही संग्रहालय, पर्यटक सुविधा केंद्र, पार्किंग और अन्य आधुनिक सुविधाओं को शामिल करते हुए कॉन्सेप्ट मास्टर प्लान और डीपीआर तैयार करने का प्रस्ताव रखा गया। उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने परियोजना को स्पष्ट टाइमलाइन और माइलस्टोन के साथ चरणबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्मारक में छत्रपति शिवाजी महाराज के आगरा प्रवास, शंभाजी महाराज, मिर्जा राजा जयसिंह और मराठा इतिहास से जुड़े महत्वपूर्ण प्रसंगों को प्रमाणिक तथ्यों के साथ प्रस्तुत किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह परियोजना केवल एक स्मारक के निर्माण तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि ऐतिहासिक विरासत, वास्तुशिल्प और प्रमाणिकता को संरक्षित रखते हुए इसे ऐसा विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र बनाया जाए, जहां देश-विदेश से आने वाले पर्यटक शिवाजी महाराज के आगरा प्रवास और मराठा इतिहास की समृद्ध विरासत से परिचित हो सकें। बैठक में दोनों राज्यों के पर्यटन विभागों के बीच नियमित समन्वय के लिए संयुक्त कार्य तंत्र या समन्वय प्रकोष्ठ विकसित करने तथा संयुक्त कार्ययोजना और डीपीआर तैयार कर परियोजना को आगामी अनुमोदन एवं क्रियान्वयन के लिए प्रस्तुत करने पर सहमति बनी। बैठक में महाराष्ट्र पर्यटन विकास महामंडल के वरिष्ठ अधिकारियों सहित नगर आयुक्त श्री संतोष वैश्य, आगरा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष श्रीमती एम. अरुनमोली, डीसीपी सिटी श्री सैय्यद अली अब्बास, अपर जिलाधिकारी नगर श्री आजाद भगत सिंह, अपर जिलाधिकारी प्रोटोकॉल श्री अमरेंद्र कुमार, अपर नगर आयुक्त श्री शिशिर कुमार और क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी श्री शक्ति सिंह सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।





