आगरा में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में जिलाधिकारी मनीष बंसल ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सख्त रुख अपनाया। निष्क्रिय आशाओं को हटाने के निर्देश दिए गए, कई स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारियों का वेतन रोकने के आदेश हुए और जननी सुरक्षा योजना से लेकर आयुष्मान कार्ड तक की समीक्षा की गई। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में जिलाधिकारी ने जननी सुरक्षा योजना के लाभार्थियों को समय पर भुगतान न होने पर जिला महिला अस्पताल, एसएन मेडिकल कॉलेज और कई सीएचसी के अधिकारियों से जवाब तलब किया। उन्होंने लापरवाही पर संबंधित अधिकारियों का वेतन रोकने के निर्देश दिए और प्रत्येक गर्भवती महिला का प्रसव से पहले और बाद में बैंक खाता खुलवाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में यूपीएचसी छत्ता, नगलापदी, वैभव नगर, नया घेर, सेवला, लोहामंडी-1, शाहगंज-1, बल्केश्वर, जगदीशपुरा और हरीपर्वत-ईस्ट में डिलीवरी प्रदर्शन शून्य मिलने पर संबंधित प्रभारियों का वेतन रोकने के निर्देश दिए गए। वहीं पोलियो अभियान सहित अन्य कार्यक्रमों में निष्क्रिय रहने वाली आशाओं को चिन्हित कर उन्हें हटाने का प्रस्ताव तैयार करने के आदेश भी दिए गए।आयुष्मान भारत योजना की समीक्षा के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि अब जिले स्तर पर ही आयुष्मान कार्ड में नाम को छोड़कर पिता का नाम, पता, उम्र और आधार नंबर जैसी त्रुटियों का सुधार किया जा सकेगा। इससे लोगों को लखनऊ जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी और कार्ड बनाने की प्रक्रिया तेज होगी। बैठक में संचारी रोग नियंत्रण अभियान, डेंगू की तैयारियों, मातृ एवं नवजात मृत्यु की समीक्षा भी की गई जिलाधिकारी ने जिला अस्पताल में बर्थ डिफेक्ट सर्जरी जन्मजात बहरापन की पहचान के लिए साउंड रूम विकसित करने अस्पतालों में साफ-सफाई, मरीजों की सुविधाएं बढ़ाने और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।पीटीसी आउट्रोजिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी अधिकारियों को तय समय में लक्ष्य पूरा करने और आमजन तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए गए





