बाह तहसील में जिलाधिकारी मनीष बंसल की अध्यक्षता में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन हुआ। समाधान दिवस में जिले भर से पहुंचे फरियादियों ने अपनी समस्याएं जिलाधिकारी के सामने रखीं। डीएम ने एक-एक शिकायत को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को तय समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए। भूमि विवाद से जुड़े मामलों में राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम बनाकर कार्रवाई करने के आदेश भी दिए गए।समाधान दिवस के दौरान बसई अरेला निवासी रामप्रकाश ने राजस्व निरीक्षक पर कई बार आवेदन देने के बावजूद भूमि पैमाइश न कराने का आरोप लगाया। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने मौके पर ही संबंधित राजस्व निरीक्षक से जवाब तलब किया और नायब तहसीलदार की अध्यक्षता में जांच समिति गठित कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। वहीं तहसील में कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटर के खिलाफ लगातार मिल रही लापरवाही की शिकायतों पर भी डीएम ने कड़ी फटकार लगाई और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने की चेतावनी दी।जिलाधिकारी ने विद्युत सखियों के लंबित ओटीएस और टीडीएस भुगतान का भी संज्ञान लिया और संबंधित अधिकारियों को जल्द भुगतान सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। इसके अलावा नगर पंचायत पिनाहट में विकास कार्यों में अनियमितता और वित्तीय गड़बड़ी की शिकायतों की जांच के लिए अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व की अध्यक्षता में समिति गठित करने के आदेश दिए।नगर पालिका बाह क्षेत्र में साफ-सफाई की खराब व्यवस्था और सड़क किनारे कच्चे मार्गों से लोगों को हो रही परेशानी पर भी जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। उन्होंने अधिशासी अधिकारी को नियमित सफाई अभियान चलाने और सड़क किनारे इंटरलॉकिंग सहित आवश्यक कार्य जल्द कराने के निर्देश दिए। साथ ही सभी अधिकारियों से कहा कि शिकायतकर्ता से सीधे संपर्क कर, स्थलीय निरीक्षण के बाद ही शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया जाए और पूरी रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड की जाए।संपूर्ण समाधान दिवस में कुल 75 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 3 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। सबसे अधिक 33 शिकायतें राजस्व विभाग, 13 पुलिस, 3 राजस्व एवं पुलिस, 5 समाज कल्याण, 9 विकास, 4 विद्युत और 8 अन्य विभागों से संबंधित रहीं।बाह तहसील में आयोजित समाधान दिवस में जिलाधिकारी का साफ संदेश रहा कि जनता की शिकायतों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण ही प्रशासन की प्राथमिकता होगी।





