आगरा, 21 सितंबर 2026। 91वें आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत अधीनस्थ सेवा के 46 नवचयनित परिवीक्षाधीन अधिकारियों के आगरा भ्रमण कार्यक्रम के दौरान सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिलाधिकारी श्री मनीष बंसल ने नवचयनित अधिकारियों से संवाद कर उन्हें प्रशासनिक कार्यप्रणाली, विभागीय संरचना और फील्ड स्तर पर दायित्वों के प्रभावी निर्वहन से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी।
जिलाधिकारी श्री मनीष बंसल ने कहा कि सरकारी सेवा में चयन के साथ सीखने की प्रक्रिया समाप्त नहीं होती, बल्कि वास्तविक सीखने की शुरुआत यहीं से होती है। अधिकारियों को अपने कार्यक्षेत्र से संबंधित कानून, नियम, शासनादेश और प्रक्रियाओं का निरंतर अध्ययन करना चाहिए। किसी भी प्रकरण पर निर्णय लेने से पहले उससे जुड़े प्रावधानों को अच्छी तरह समझने की आदत विकसित करनी चाहिए। इससे कार्य में स्पष्टता के साथ अधिकारियों का आत्मविश्वास भी बढ़ता है।
उन्होंने कहा कि प्रशासनिक सेवा केवल कार्यालय में बैठकर कार्य करने तक सीमित नहीं है। फील्ड में जाकर जमीनी वास्तविकताओं को समझना अधिकारी के अनुभव को समृद्ध करता है। योजनाओं के क्रियान्वयन, जनसमस्याओं और विभागीय व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति जानने के लिए अधिकारियों को नियमित रूप से फील्ड विजिट करनी चाहिए और वहां प्राप्त अनुभवों को अपने कार्य में शामिल करना चाहिए।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को सेवाकाल के दौरान आत्मविश्वास, आत्मबल और सेवा के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण बनाए रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक दायित्व को सीखने की इच्छा, जिम्मेदारी की भावना और जनहित के दृष्टिकोण से पूरा करने का प्रयास होना चाहिए।
उन्होंने टीमवर्क को प्रशासनिक कार्य की महत्वपूर्ण कड़ी बताते हुए कहा कि प्रशासनिक कार्य किसी एक व्यक्ति का प्रयास नहीं, बल्कि पूरी टीम के समन्वित प्रयास का परिणाम होता है। अधिकारियों को अपने अधीनस्थ कार्मिकों की क्षमता और जिम्मेदारियों के अनुरूप कार्य का प्रभावी विभाजन करते हुए बेहतर टीमवर्क विकसित करना चाहिए। सही व्यक्ति को सही जिम्मेदारी और स्पष्ट कार्य-विभाजन से कार्य की गुणवत्ता और परिणाम दोनों बेहतर होते हैं।
जिलाधिकारी ने कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष किसी भी प्रकरण को प्रस्तुत करते समय संबंधित अधिकारी को उससे जुड़े तथ्यों, नियमों और प्रक्रियाओं की पूरी जानकारी होनी चाहिए। विषय की गहन समझ और तथ्यों के साथ आत्मविश्वासपूर्वक अपनी बात रखने से कार्य में स्पष्टता और विश्वसनीयता दिखाई देती है। उन्होंने अधिकारियों को प्रारंभ से ही कार्य की तैयारी, अभिलेखों के अध्ययन और विषय की गहन समझ विकसित करने की सलाह दी।
संवाद कार्यक्रम के दौरान नवचयनित परिवीक्षाधीन अधिकारियों ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली, फील्ड स्तर की चुनौतियों और सेवाकाल से जुड़े विभिन्न विषयों पर जिलाधिकारी से प्रश्न पूछे। जिलाधिकारी ने अधिकारियों के प्रश्नों का समाधान करते हुए उन्हें निरंतर सीखने, फील्ड में सक्रिय रहने, टीम के साथ समन्वय बनाकर कार्य करने तथा जिम्मेदारी और आत्मविश्वास के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (नगर) यमुनाधर चौहान, अपर जिलाधिकारी (प्रोटोकॉल) डॉ. अमरेंद्र वर्मा सहित 46 नवचयनित परिवीक्षाधीन अधिकारी उपस्थित रहे।





