आगरा में मछलियों के संरक्षण को लेकर जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। जिलाधिकारी मनीष बंसल के निर्देश पर जनपद की नदियों में 31 अगस्त 2026 तक सभी प्रकार के मत्स्य आखेट पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके साथ ही विदेशी थाई मांगुर और बिगहेड मछलियों के खरीद-फरोख्त पर भी रोक लगा दी गई है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।मत्स्य संपदा के संरक्षण और मछलियों के प्रजनन को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से यह आदेश जारी किया गया है। 1 जुलाई से 30 सितंबर 2026 तक फाई (Fry) और फिंगरलिंग मछलियों को पकड़ने, बेचने या नष्ट करने पर भी पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा।प्रशासन ने 5 सेंटीमीटर से छोटे जाल से मछली पकड़ने, जलाशयों को प्रदूषित करने तथा 1.5 किलोग्राम से कम वजन की रोहू, नैन, कतला, कुरौंच और सींगी प्रजाति की मछलियों के शिकार और बिक्री पर भी रोक लगा दी है।मत्स्य विभाग और राजस्व विभाग की संयुक्त टीमें नदी किनारे केवटघाटों, वाहनों, गोदामों और अन्य स्थानों पर लगातार निरीक्षण करेंगी। बिना लाइसेंस मत्स्याखेट करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी।जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि विस्फोटक या जहरीले पदार्थों का इस्तेमाल कर मछली पकड़ना पूरी तरह अवैध है। साथ ही विदेशी थाई मांगुर और बिगहेड मछलियों के क्रय-विक्रय पर भी जनपद में पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को आदेश का कड़ाई से पालन कराने और लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए हैं। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।





