आगरा में खाद्य पदार्थों में मिलावट और अस्वच्छ परिस्थितियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में विभाग ने दूध और दुग्ध पदार्थों को लेकर विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया।अभियान के दौरान आगरा के अलग-अलग क्षेत्रों में दूध, दही और पनीर के कई विधिक नमूने जांच के लिए लिए गए। नगला मुड़ी चौराहा, नादऊ फ्लाईओवर, आहरन एत्मादपुर, कुतलुपुर रोड और फतेहपुर सीकरी सहित विभिन्न स्थानों पर खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने निरीक्षण किया।वहीं एम.जी. रोड पर जलेसर से आगरा दूध लेकर आ रहे दो बोलेरो मैक्स पिकअप टैंकरों को रोककर जांच की गई। दोनों टैंकरों में करीब एक-एक हजार लीटर दूध पाया गया।जांच के दौरान पहले टैंकर में दूध की कोल्ड चेन मेंटेन नहीं मिली और दूध अस्वच्छ परिस्थितियों में रखा हुआ पाया गया। वहीं दूध के क्रय-विक्रय से संबंधित आवश्यक अभिलेख भी प्रस्तुत नहीं किए गए।दोनों टैंकरों से एक-एक विधिक नमूना जांच के लिए लिया गया। इसके बाद शेष 998-998 लीटर दूध, यानी कुल 1996 लीटर दूध, विक्रेताओं की सहमति से नियमानुसार मौके पर नष्ट कराया गया।नष्ट किए गए दूध की अनुमानित कीमत करीब एक लाख 9 हजार 780 रुपये बताई गई है।खाद्य सुरक्षा विभाग के मुताबिक, अभियान के दौरान लिए गए सभी विधिक नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।खाद्य सुरक्षा विभाग ने साफ किया है कि मिलावटी, असुरक्षित खाद्य पदार्थों की बिक्री और अस्वच्छ परिस्थितियों में खाद्य पदार्थों के भंडारण एवं परिवहन के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।इस कार्रवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारी आशुतोष कुमार सिंह, राकेश कुमार यादव, श्वेता चक्रवर्ती और सुरेंद्र कुमार चौरसिया मौजूद रहे।






