आगरा। छत्रपति शिवाजी महाराज के शौर्य, साहस, पराक्रम और युद्ध कौशल की स्मृति में सोमवार को आगरा में भव्य ‘गरुड़ झेप यात्रा’ का शुभारंभ हुआ। लाल किला के सामने स्थित छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा स्थल पर ‘जय भवानी, जय शिवाजी’ के जयघोष से पूरा परिसर गूंज उठा। बताया गया कि 17 अगस्त 1666 को छत्रपति शिवाजी महाराज अपनी कार्यकुशलता और रणनीति के बल पर औरंगजेब की कैद से निकलकर आगरा से रवाना हुए थे। इसी ऐतिहासिक घटना की स्मृति में शिवाजी महाराज के सेनापतियों के 14वें वंशजों द्वारा पिछले सात वर्षों से आगरा से राजगढ़ तक गरुड़ झेप यात्रा निकाली जा रही है। इस वर्ष यात्रा में करीब 100 धावक और 100 साइकिल सवार शामिल हुए। यात्रा का शुभारंभ उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, महाराष्ट्र सरकार के कैबिनेट मंत्री जयकुमार रावल और मंत्री भरत सेठ गोगावले ने छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर संयुक्त रूप से किया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज का शौर्य, वीरता, पराक्रम और युद्ध कौशल आज भी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि देश के वीर सैनिकों, महान सेनानायकों और इतिहास के उन योद्धाओं को सम्मान मिलना चाहिए, जिन्होंने राष्ट्र के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया। महाराष्ट्र सरकार के मंत्री जयकुमार रावल ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज ने कठिन परिस्थितियों में भी अपनी रणनीति और कार्यकुशलता के बल पर हिंदवी स्वराज्य की स्थापना के लिए संघर्ष किया। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा छत्रपति शिवाजी महाराज के स्मारक के लिए 9 करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने यह भी कहा कि महाराष्ट्र सरकार 17 अगस्त को ‘शौर्य प्रेरणा दिवस’ के रूप में मनाने के लिए जल्द अध्यादेश जारी करेगी। मंत्री भरत सेठ गोगावले ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज ने अन्याय के खिलाफ संघर्ष करते हुए समाज में साहस, धैर्य और स्वाभिमान की भावना जगाई। आगरा में बनने वाला शिवाजी स्मारक उत्तर और दक्षिण भारत की सांस्कृतिक एकता के साथ पर्यटन को भी बढ़ावा देगा। 101 किलों के जल से हुआ प्रतिमा का जलाभिषेक कार्यक्रम के दौरान देशभर के 101 किलों से लाए गए जल से छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा का जलाभिषेक किया गया। इसके बाद अतिथियों और महाराष्ट्र से आए शिवाजी महाराज के सेनापतियों के 14वें वंशजों ने प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। मराठी कलाकारों ने दिखाई युद्ध कला कार्यक्रम में मराठी कलाकारों ने प्राचीन युद्ध कला का शानदार प्रदर्शन किया। कलाकारों ने तलवारबाजी और लाठी कला सहित विभिन्न युद्ध कौशल प्रस्तुत किए। गोवा से आई महिला कलाकारों ने भी अपनी युद्ध कला का प्रदर्शन कर लोगों का ध्यान आकर्षित किया। कोठी मीना बाजार में बनेगा भव्य संग्रहालय छत्रपति शिवाजी महाराज की आगरा यात्रा और उनके ऐतिहासिक संघर्ष की स्मृति में कोठी मीना बाजार में भव्य संग्रहालय और स्मारक बनाए जाने की योजना है। मंत्री योगेंद्र उपाध्याय के मुताबिक यहां 50 फुट से अधिक ऊंची छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा भी स्थापित की जाएगी। संग्रहालय में शिवाजी महाराज के जीवन, वीरता, कार्यकुशलता और युद्ध कौशल से जुड़े प्रसंगों को प्रदर्शित किया जाएगा। चार राज्यों के 78 शहरों से होकर गुजरेगी यात्रा यात्रा संयोजक मारुति आभा गोले ने बताया कि इस बार गरुड़ झेप यात्रा आगरा से राजगढ़ तक करीब 1253 किलोमीटर का सफर तय करेगी। यात्रा चार राज्यों के करीब 78 शहरों से होकर गुजरेगी।88 वर्षीय महिला का जज्बा बना आकर्षण इस यात्रा में 88 वर्षीय मराठी महिला का उत्साह भी लोगों के लिए प्रेरणा बना हुआ है। उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज को समर्पित इस यात्रा में करीब 1300 किलोमीटर साइकिल चलाने का संकल्प लिया है। समर्थ गुरु रामदास एवं छत्रपति शिवराय प्रतिष्ठान ने किया स्वागतगरुड़ झेप यात्रा का समर्थ गुरु रामदास एवं छत्रपति शिवराय प्रतिष्ठान संस्था की ओर से मराठी परंपरा के अनुरूप भव्य स्वागत किया गया। संस्था के अध्यक्ष डॉ. वात्सल्य उपाध्याय ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज की स्मृति को जोड़ने वाली इस ऐतिहासिक यात्रा का स्वागत करना उनके लिए गौरव की बात है। कार्यक्रम में महाराष्ट्र से आए करीब 100 सदस्यीय दल ने सहभागिता की। इसमें छत्रपति शिवाजी महाराज के सेनापतियों के 14वें वंशज भी शामिल रहे। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, महाराष्ट्र सरकार के मंत्री जयकुमार रावल और भरत सेठ गोगावले, कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ. वात्सल्य उपाध्याय, डॉ. सिमरन उपाध्याय, विजय गोयल, करण सिंह धाकड़, नितिन सुहानी, अखिलेश अग्रवाल, अभय पोताडे सहित संस्था के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।






