आगरा के फतेहपुर सीकरी में खाद्य सुरक्षा विभाग ने आटे में मिलावट की आशंका पर बड़ी कार्रवाई की है। विभाग की टीम ने एक प्रतिष्ठान से करीब 1800 किलोग्राम सेलखड़ी और 13.5 कुंतल आटा बरामद कर अभिगृहीत किया है। मामले में खाद्य कारोबार को बंद कराकर आटा बनाने वाली मशीनों को भी सील कर दिया गया है। आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उत्तर प्रदेश और जिलाधिकारी आगरा के निर्देश पर खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई।खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने फतेहपुर सीकरी क्षेत्र के जौतना डाबर रोड स्थित समृद्धि ऑयल मिल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठान पर आटे में सेलखड़ी की मिलावट किए जाने की स्थिति पाई गई।मौके से करीब 1800 किलोग्राम सेलखड़ी, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 30 हजार 150 रुपये, और करीब 13.5 कुंतल यानी 1350 किलोग्राम आटा, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 18 हजार 900 रुपये बताई गई है, अभिगृहीत किया गया।जांच में यह भी सामने आया कि प्रतिष्ठान के पास खाद्य तेल के फुटकर विक्रेता और खाद्य मसालों के थोक विक्रेता की श्रेणी का लाइसेंस था, जबकि मौके पर आटा निर्माण का काम किया जा रहा था।मिलावट और अनधिकृत रूप से आटा निर्माण पाए जाने पर खाद्य कारोबार को तत्काल बंद करा दिया गया और आटा निर्माण में इस्तेमाल होने वाली मशीनों को सील कर दिया गया।विभाग ने मौके से समृद्धि ब्रांड आटा, उत्तम ब्रांड आटा, श्याम भोग चक्की फ्रेश आटा और सेलखड़ी पाउडर के कुल चार विधिक नमूने भी लिए हैं, जिन्हें जांच के लिए खाद्य प्रयोगशाला भेजा जा रहा है।खाद्य विश्लेषक की रिपोर्ट आने के बाद जांच के निष्कर्षों के आधार पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, संबंधित कारोबारी के खिलाफ फतेहपुर सीकरी थाने में प्राथमिकी दर्ज कराने की कार्रवाई भी की जा रही है और खाद्य लाइसेंस के निलंबन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।यह पूरी कार्रवाई मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी राजेश कुमार गुप्ता के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने की खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने साफ किया है कि मिलावट, अधोमानक या असुरक्षित खाद्य पदार्थों के निर्माण और बिना अनुमोदित श्रेणी में कारोबार करने वालों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।






