आगरा में विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 की तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी मनीष बंसल ने फिरोजाबाद रोड स्थित नवीन गल्ला मंडी परिसर में ईवीएम और वीवीपैट की फर्स्ट लेवल चेकिंग यानी FLC के लिए बनाए गए स्थल का निरीक्षण किया।एफएलसी की प्रक्रिया 2 सितंबर 2026 को सुबह 9 बजे से शुरू होगी। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पूरी प्रक्रिया निर्वाचन आयोग की गाइडलाइन और निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार सुरक्षित, पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से पूरी कराई जाए। जिलाधिकारी ने सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए एफएलसी स्थल पर बैरिकेडिंग, प्रवेश और निकास की उचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना वैध पहचान-पत्र या पास के किसी भी व्यक्ति को एफएलसी स्थल में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।एफएलसी हॉल में प्रवेश से पहले अधिकारियों, कर्मचारियों और इंजीनियरों की जांच की जाएगी और प्रवेश-निकास का पूरा रिकॉर्ड लॉग बुक में दर्ज किया जाएगा।इसके साथ ही एफएलसी हॉल में मोबाइल फोन, कैमरा, स्पाई पेन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। इन उपकरणों को हॉल के बाहर निर्धारित स्थान पर जमा कराया जाएगा। केवल अधिकृत अधिकारियों और निर्धारित कार्य के लिए अधिकृत बीईएल या ईसीआईएल इंजीनियरों को ही नियमों के तहत मोबाइल रखने की अनुमति होगी। पूरे एफएलसी परिसर और आसपास के महत्वपूर्ण क्षेत्रों में 24 घंटे सीसीटीवी निगरानी और लाइव वेबकास्टिंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। सुरक्षा के लिए सशस्त्र पुलिस बल की पर्याप्त तैनाती भी की जाएगी।जिलाधिकारी ने नगर निगम को परिसर में नियमित साफ-सफाई, पेयजल और शौचालय की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वहीं अग्निशमन विभाग को पर्याप्त फायर एक्सटिंग्विशर और फायर अलार्म सहित सभी जरूरी अग्नि सुरक्षा इंतजाम करने को कहा गया। एफएलसी के दौरान जांच में सही पाई जाने वाली OK मशीनों और खराब या रिजेक्ट की जाने वाली NOT OK मशीनों को अलग-अलग चिन्हित कर निर्धारित स्थान पर रखा जाएगा। इनका रिकॉर्ड प्रतिदिन ईएमएस पर अपडेट किया जाएगा।एफएलसी प्रक्रिया के लिए केवल उन्हीं मशीन इंजीनियरों को अनुमति दी जाएगी, जिनका विवरण ईएमएस पर दर्ज है। साथ ही ईवीएम मास्टर ट्रेनर की उपस्थिति भी सुनिश्चित की जाएगी। एफएलसी पूरी होने के बाद राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में मॉक पोल कराया जाएगा। इसमें रैंडम आधार पर मशीनों का चयन किया जाएगा और मॉक पोल के परिणाम का मिलान वीवीपैट से निकलने वाली पर्चियों से किया जाएगा।मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि मॉक पोल की प्रक्रिया को देख सकेंगे और इच्छानुसार स्वयं भी मॉक पोल कर सकेंगे। पूरी प्रक्रिया का रिकॉर्ड निर्धारित रजिस्टर में दर्ज किया जाएगा।एफएलसी और मॉक पोल के दौरान निकलने वाली वीवीपैट पेपर स्लिप का प्रतिदिन श्रेडिंग मशीन के जरिए निस्तारण कराया जाएगा। जिलाधिकारी मनीष बंसल ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्वाचन आयोग की गाइडलाइन का अक्षरशः पालन करने और एफएलसी के प्रत्येक चरण की लगातार निगरानी एवं रिकॉर्डिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी नगर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी यमुनाधर चौहान, अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी जीके वार्ष्णेय सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।






