आगरा के विकासखंड बाह स्थित प्राथमिक विद्यालय धोबई में बच्चों की पढ़ाई को रोचक और आनंदमय बनाने के लिए लगातार नवाचार किए जा रहे हैं। यहां पारंपरिक पढ़ाई के साथ-साथ गतिविधि आधारित शिक्षण को बढ़ावा दिया जा रहा है। खेल, कहानी, चित्र, संगीत, योग और रचनात्मक गतिविधियों के जरिए बच्चों को सीखने के नए अवसर दिए जा रहे हैं। इस पहल से बच्चों में पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़ने के साथ-साथ कक्षा में उनकी सहभागिता और आत्मविश्वास में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। प्राथमिक विद्यालय धोबई में प्रधानाध्यापिका तरन्नुम के नेतृत्व में बच्चों के लिए बाल-अनुकूल और आनंदमय शैक्षिक वातावरण तैयार करने का प्रयास किया जा रहा है।विद्यालय में शुरुआती स्तर पर कुछ बच्चों की नियमित उपस्थिति, कक्षा में सक्रिय सहभागिता और पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़ाने की आवश्यकता महसूस की गई। इसके बाद विद्यालय में पाठ्य पुस्तक आधारित शिक्षण के साथ गतिविधि आधारित और आनंदमय शिक्षण पद्धति को अपनाया गया। अब बच्चों को केवल किताबों और ब्लैकबोर्ड तक सीमित रखने के बजाय उन्हें अलग-अलग गतिविधियों के माध्यम से सीखने का अवसर दिया जा रहा है। कार्य पत्रक, खेल, चित्र, कहानी, संगीत, योग, खेलकूद और विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों को पढ़ाई से जोड़ा गया है।रंगीन और आकर्षक कार्य पत्रकों के जरिए बच्चों को विषयों को सरल तरीके से समझाया जाता है, जिससे उनकी सीखने की प्रक्रिया अधिक रोचक और अनुभवात्मक बन रही है गतिविधि आधारित शिक्षण का सबसे बड़ा फायदा यह है कि बच्चे कक्षा में केवल सुनने वाले विद्यार्थी नहीं रह जाते, बल्कि पढ़ाई में सक्रिय रूप से हिस्सा लेते हैं।बच्चों को सवाल पूछने, अपनी बात रखने, गतिविधियों में भाग लेने और अपनी रचनात्मकता दिखाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इससे उनमें सीखने के साथ-साथ आत्मविश्वास भी विकसित हो रहा है। विद्यालय परिसर को भी बच्चों के अनुकूल और आकर्षक बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सकारात्मक वातावरण के बीच खेल, योग, संगीत और रचनात्मक गतिविधियों को शिक्षा से जोड़कर बच्चों के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास पर भी जोर दिया जा रहा है।वीओ:विद्यालय में अपनाई जा रही इस पहल का असर बच्चों की गतिविधियों में साफ दिखाई दे रहा है। बच्चे विभिन्न शैक्षिक और सह-शैक्षिक गतिविधियों में उत्साह के साथ हिस्सा ले रहे हैं और सीखी हुई चीजों को अपनी रचनात्मकता के माध्यम से प्रस्तुत कर रहे हैं। कुल मिलाकर, प्राथमिक विद्यालय धोबई में नवाचार और गतिविधि आधारित शिक्षण ने पढ़ाई को बच्चों के लिए अधिक रोचक और आनंदमय बनाने का काम किया है। विद्यालय का प्रयास है कि हर बच्चा सीखने की प्रक्रिया में सक्रिय रूप से जुड़े और शिक्षा को बोझ नहीं, बल्कि खुशी और उत्साह के साथ ग्रहण करे।यह पहल इस बात का उदाहरण है कि बच्चों की रुचि और उनकी सीखने की प्राकृतिक शैली को ध्यान में रखकर शिक्षण कराया जाए, तो कक्षा का माहौल अधिक प्रभावी और आनंददायक बनाया जा सकता है।






