आगरा। विश्व प्रसिद्ध ताजमहल में पर्यटकों की सुरक्षा जांच को लेकर बड़ी समस्या सामने आई है। ताजमहल के पूर्वी और पश्चिमी गेट पर लगे बैग स्कैनर पिछले करीब तीन माह से खराब पड़े हैं। इसके चलते CISF के जवान पर्यटकों के हैंड बैग की मैनुअल चेकिंग कर रहे हैं।मैनुअल जांच में अधिक समय लगने के कारण दोनों गेटों पर पर्यटकों की लंबी कतारें लग रही हैं। इससे ताजमहल में प्रवेश करने में पर्यटकों को अतिरिक्त समय लग रहा है। खासकर विदेशी पर्यटकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।दरअसल, ताजमहल के पूर्वी और पश्चिमी गेट पर पर्यटकों की सुरक्षा जांच CISF की ओर से की जाती है। यहां ASI द्वारा लगाए गए बैग स्कैनर के जरिए हैंड बैग की जांच की जाती थी। लेकिन दोनों स्कैनर करीब तीन माह से खराब हैं।स्कैनर खराब होने के बाद अब CISF जवानों को प्रत्येक बैग की अलग-अलग मैनुअल जांच करनी पड़ रही है। इससे सुरक्षा जांच की प्रक्रिया धीमी हो गई है और प्रवेश द्वारों पर भीड़ बढ़ रही है।वहीं, बैग स्कैनर की मरम्मत और रखरखाव के लिए Annual Maintenance Contract यानी AMC का प्रस्ताव ASI के दिल्ली मुख्यालय में लंबित बताया जा रहा है। ASI आगरा सर्किल की अधीक्षण पुरातत्वविद् डॉ. स्मिता एस. कुमार के अनुसार, इस संबंध में कई बार रिमाइंडर भेजे जा चुके हैं और टेंडर भी हो चुका है।पर्यटन कारोबारियों ने भी इस समस्या पर चिंता जताई है। टूरिज्म गिल्ड ऑफ आगरा के पूर्व अध्यक्ष राजीव सक्सेना का कहना है कि ताजमहल जैसे विश्व प्रसिद्ध स्मारक पर आधुनिक सुरक्षा उपकरण लगाए गए हैं तो उनके नियमित रखरखाव की व्यवस्था भी सुनिश्चित होनी चाहिए।सुरक्षा व्यवस्था से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता, लेकिन इसके साथ पर्यटकों की सुविधा का भी ध्यान रखना जरूरी है। स्कैनर खराब होने के कारण मैनुअल चेकिंग में लगने वाला समय बढ़ रहा है, जिसका सीधा असर पर्यटकों की सुविधा पर पड़ रहा है।अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि दोनों गेटों पर खराब पड़े बैग स्कैनर की AMC और मरम्मत की प्रक्रिया कब पूरी होगी और पर्यटकों को इस परेशानी से कब राहत मिलेगी।
। संवाददाता: राकेश शर्मा





