आगरा के बरौली अहीर स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय नैनाना जाट में बच्चों की पढ़ाई को रोचक और आनंदमय बनाने के लिए लगातार नए प्रयोग किए जा रहे हैं। विद्यालय में नवाचार और गतिविधि आधारित शिक्षण के जरिए बच्चों में पढ़ाई के प्रति रुचि और उत्साह बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।विद्यालय में सहायक अध्यापिका द्वारा बच्चों को केवल किताबों तक सीमित न रखते हुए खेल-खेल में सीखने, सवाल पूछने, अपनी जिज्ञासा व्यक्त करने और रचनात्मकता को विकसित करने के अवसर दिए जा रहे हैं विद्यालय में मीना मंच, करके सीखो, बैंड टीम और स्मार्ट सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी जैसी गतिविधियों को शिक्षण प्रक्रिया का हिस्सा बनाया गया है। इन गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को अपनी प्रतिभा दिखाने और नए तरीके से सीखने का मौका मिल रहा है।शिक्षिका का प्रयास है कि बच्चे जब हर दिन विद्यालय से घर लौटें, तो उनके मन में कुछ नए सवाल और जिज्ञासाएं जरूर हों, ताकि अगले दिन वे उन सवालों के जवाब जानने की उत्सुकता के साथ विद्यालय पहुंचें। विद्यालय की प्रार्थना सभा भी बच्चों के सर्वांगीण विकास का महत्वपूर्ण माध्यम बनी हुई है। प्रार्थना और राष्ट्रगान के साथ प्रेरणा गीत, समाचार-पत्र वाचन, पीटी और योग जैसी गतिविधियां कराई जाती हैं।बताया गया है कि प्रार्थना सभा के दौरान ही करीब 90 प्रतिशत बच्चों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित हो जाती है। इससे बच्चों के विद्यालय के प्रति जुड़ाव और उत्साह का अंदाजा लगाया जा सकता है। विद्यालय में पहले से ही विद्यार्थियों की संख्या अच्छी थी, लेकिन नए नवाचारों और गतिविधियों के जुड़ने के बाद बच्चों की संख्या में और वृद्धि देखने को मिली है। गतिविधि आधारित शिक्षण से बच्चों को अपनी प्रतिभा दिखाने के साथ-साथ सीखने के नए अवसर मिल रहे हैं। वहीं, अभिभावकों का भी विद्यालय के प्रति विश्वास बढ़ा है।विद्यालय का उद्देश्य सिर्फ बच्चों के शैक्षिक परिणाम बेहतर करना नहीं, बल्कि उनमें आत्मविश्वास, अनुशासन, जिज्ञासा, रचनात्मकता और सीखने की आदत विकसित करना भी है। क्लोजिंग:शिक्षिका के अनुसार बच्चे कच्ची मिट्टी की तरह होते हैं और शिक्षक एक कुम्हार की भूमिका निभाता है। धैर्य, प्रेम और सही दिशा देकर बच्चों के व्यक्तित्व और भविष्य को बेहतर आकार दिया जा सकता है।नैनाना जाट विद्यालय में भी नवाचार, गतिविधि आधारित शिक्षण और सकारात्मक माहौल के जरिए इसी सोच को साकार करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि हर बच्चा उत्साह के साथ विद्यालय आए, रुचि के साथ सीखे और आत्मविश्वास के साथ अपने भविष्य की ओर आगे बढ़े।






