गांव के एक घर से शुरू हुआ सफर आज 101 बच्चों की शिक्षा का केंद्र बना प्राथमिक विद्यालय नगला दौलतिया

आगरा। प्राथमिक विद्यालय नगला दौलतिया की कहानी समर्पण मेहनत और सामुदायिक सहभागिता की एक प्रेरक मिसाल बनकर सामने आई है। कभी गांव के एक घर..

आगरा। प्राथमिक विद्यालय नगला दौलतिया की कहानी समर्पण मेहनत और सामुदायिक सहभागिता की एक प्रेरक मिसाल बनकर सामने आई है। कभी गांव के एक घर में बच्चों की पढ़ाई से शुरू हुआ यह सफर आज 101 विद्यार्थियों के लिए शिक्षा का केंद्र बन चुका है।वर्ष 2012 में जब विद्यालय में शिक्षकों की नियुक्ति हुई, उस समय विद्यालय भवन का निर्माण कार्य चल रहा था। विद्यालय में बच्चों का नामांकन कराना भी शिक्षकों के लिए बड़ी चुनौती थी। ऐसे में शिक्षकों ने घर-घर जाकर ग्रामीणों और अभिभावकों से संपर्क किया और बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजने के लिए प्रेरित किया।विद्यालय भवन तैयार न होने के कारण शुरुआती दिनों में गांव के ही एक घर में बच्चों को बैठाकर पढ़ाया गया। सीमित संसाधनों के बावजूद शिक्षकों ने पढ़ाई का सिलसिला रुकने नहीं दिया। वर्ष 2013 में विद्यालय का संचालन अपने भवन में शुरू हुआ। लगातार प्रयासों के बाद विद्यालय में करीब 118 बच्चों का नामांकन हुआ।उस समय विद्यालय में कई आधारभूत सुविधाओं का अभाव था। बरसात के दिनों में भी शिक्षकों और बच्चों को तमाम परेशानियों का सामना करना पड़ता था।कायाकल्प योजना से बदली विद्यालय की तस्वीरवर्ष 2019 में सरकार की कायाकल्प योजना के तहत विद्यालय में विभिन्न सुविधाओं का विकास कराया गया। विद्यालय में टाइल्स, पुस्तकालय और विद्युत व्यवस्था जैसी सुविधाओं को बेहतर किया गया। इसके साथ ही टेलीविजन, स्मार्ट एवं तकनीकी संसाधनों को भी शिक्षण प्रक्रिया से जोड़ा गया।इन सुविधाओं के आने के बाद विद्यालय का वातावरण पहले की अपेक्षा अधिक आकर्षक, सुविधाजनक और बच्चों के अनुकूल हुआ। शिक्षक इन संसाधनों का इस्तेमाल बच्चों को सरल और रुचिपूर्ण तरीके से पढ़ाने के लिए कर रहे हैं।वर्तमान में 101 विद्यार्थी पंजीकृतआज प्राथमिक विद्यालय नगला दौलतिया में 101 विद्यार्थी पंजीकृत हैं। विद्यालय में बच्चों और शिक्षकों के बीच सकारात्मक और आत्मीय वातावरण देखने को मिलता है। शिक्षक बच्चों की सीखने की क्षमता और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए पूरी मेहनत और लगन से उन्हें शिक्षा प्रदान कर रहे हैं।विद्यालय की एक खास बात शिक्षकों के बीच आपसी सहयोग भी है। सभी शिक्षक मिलकर बच्चों की शैक्षिक प्रगति पर नजर रखते हैं और उन्हें बेहतर सीखने के अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास करते हैं।संघर्ष से सफलता तक की प्रेरक कहानीप्राथमिक विद्यालय नगला दौलतिया की यह यात्रा बताती है कि संसाधनों की कमी शिक्षा के रास्ते में स्थायी बाधा नहीं बन सकती। अगर शिक्षक समर्पण के साथ जिम्मेदारी निभाएं और समुदाय का सहयोग मिले, तो सीमित संसाधनों में भी विद्यालय को बेहतर शैक्षिक वातावरण में बदला जा सकता है।गांव के एक घर से बच्चों की पढ़ाई शुरू करने से लेकर आज 101 विद्यार्थियों को शिक्षा देने तक का यह सफर शिक्षकों की मेहनत, ग्रामीणों के सहयोग और शिक्षा के प्रति बढ़ते विश्वास की कहानी है।विद्यालय का प्रयास है कि प्रत्येक बच्चा नियमित रूप से विद्यालय आए, बेहतर तरीके से शिक्षा प्राप्त करे और अपने उज्ज्वल भविष्य की ओर कदम बढ़ाए।

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