आगरा। जिलाधिकारी मनीष बंसल ने सोमवार को सींगना स्थित आगरा ट्रेड सेंटर में फुटवियर मैन्युफैक्चरर्स एंड एक्सपोर्टर्स चैंबर (एफमेक) द्वारा आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय शू फेयर ‘मीट एट आगरा’ का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न स्टॉल्स का जायजा लिया और देश-विदेश से आए व्यवसायियों से संवाद कर फुटवियर उद्योग में हो रहे नवाचार, नई तकनीक और डिजाइन के बारे में जानकारी ली।आगरा ट्रेड सेंटर पहुंचने पर जिलाधिकारी का एफमेक पदाधिकारियों ने पुष्पगुच्छ और स्मृति चिह्न देकर स्वागत किया। पदाधिकारियों ने उन्हें मेले की गतिविधियों और फुटवियर उद्योग से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आगरा ट्रेड सेंटर में जल्द ही लेबोरेटरी और डिजाइन स्टूडियो जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।जिलाधिकारी ने कहा कि आगरा अपने लेदर और फुटवियर उद्योग के लिए देश-दुनिया में पहचान रखता है। स्थानीय उद्योगों और निर्माताओं को बढ़ावा देना केंद्र और प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि ताज ट्रेपेजियम जोन (टीटीजेड) से संबंधित प्रशासनिक अनुमतियों और समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए प्रक्रिया को तेज किया गया है।उन्होंने कहा कि मौजूदा उद्योगों के विस्तार और नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना के लिए अनुमतियों की प्रक्रिया को सरल और तेज किया जा रहा है। साथ ही नए औद्योगिक क्षेत्रों के विकास की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।डीएम ने छोटे व्यापारियों और उद्यमियों को प्रोत्साहित करने की बात भी कही। उन्होंने बताया कि सरकारी नीतियों के तहत छोटे उद्यमियों को बड़े मेलों और एक्सपो में स्टॉल लगाने के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाती है। स्टॉल और यात्रा से संबंधित खर्च की प्रतिपूर्ति की व्यवस्था होने से छोटे कारोबारियों को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने उत्पाद प्रदर्शित करने का अवसर मिलता है।‘मीट एट आगरा’ में देश-विदेश के खरीदारों और विक्रेताओं की भागीदारी को देखते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि ऐसे आयोजन आगरा के फुटवियर और लेदर उद्योग को वैश्विक बाजार से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जिला प्रशासन उद्योगों के विकास और उद्यमियों को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।इस अवसर पर एफमेक अध्यक्ष गोपाल गुप्ता, प्रदीप वासन, कैप्टन ए.एस. राणा, माला खेड़ा, राजेश सहगल सहित एफमेक के अन्य पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।






