आगरा में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने सॉस, चटनी, अचार, मुरब्बा, मेयोनीज़ और अन्य प्रोसेस्ड फूड उत्पादों की गुणवत्ता जांचने के लिए बड़ा अभियान चलाया। इस दौरान कई प्रतिष्ठानों पर छापेमारी कर नमूने लिए गए और एक्सपायरी खाद्य सामग्री के खिलाफ कार्रवाई की गई।
आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन उत्तर प्रदेश और जिलाधिकारी आगरा के निर्देश पर जिले में विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान बिग बास्केट, ब्लिंक कॉमर्स, इंस्टाकार्ट, ब्लिंकिट समेत विभिन्न ई-कॉमर्स वितरण केंद्रों, निर्माण इकाइयों और खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया।
कार्रवाई के दौरान सॉस, चटनी, मेयोनीज़, अचार, जैम और अन्य खाद्य उत्पादों के कुल 25 विधिक नमूने तथा मिड-डे मील योजना से 4 सर्वे नमूने गुणवत्ता जांच के लिए संग्रहित किए गए।
वहीं, राम नरेश फूड प्रोडक्ट्स के निरीक्षण में चिली सॉस का एक नमूना लिया गया। साथ ही करीब 2,400 रुपये मूल्य के दो कार्टन चिली सॉस सीज किए गए। निरीक्षण के दौरान एक्सपायरी हो चुकी चिली सॉस की 140 बोतलें, जिनकी कीमत लगभग 7 हजार रुपये थी, खाद्य कारोबारकर्ता की सहमति से मौके पर ही नष्ट कराई गईं।
विभाग ने सभी विधिक नमूनों को जांच के लिए राजकीय खाद्य प्रयोगशाला भेज दिया है। यदि जांच रिपोर्ट में कोई नमूना अधोमानक, मिथ्याछाप या असुरक्षित पाया जाता है, तो संबंधित कारोबारियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने कहा है कि उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्तायुक्त खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए ऐसे विशेष अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे।





