आगरा भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के एमएसएमई-विकास कार्यालय, आगरा की ओर से प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत पंजीकृत लाभार्थियों के लिए एक दिवसीय ‘पीएम विश्वकर्मा जागरूकता कार्यक्रम’ का आयोजन राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITI), बल्केश्वर रोड, आगरा में किया गया।कार्यक्रम में कारीगरों और लाभार्थियों को अपने उत्पादों की बेहतर कीमत तय करने, बाजार के बदलते रुझानों को समझने, ई-कॉमर्स के माध्यम से बिक्री बढ़ाने तथा आकर्षक पैकेजिंग और लेबलिंग के जरिए अपने उत्पादों की ब्रांड वैल्यू बढ़ाने की जानकारी दी गई।कार्यक्रम में आधुनिक तकनीक के उपयोग पर भी विशेष जोर दिया गया। लाभार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI आधारित ब्रांडिंग, ONDC प्लेटफॉर्म पर ऑनबोर्डिंग, QR कोड जनरेशन और अपने उत्पादों को निर्यात के लिए तैयार करने की प्रक्रिया के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।कार्यक्रम का शुभारंभ एमएसएमई-विकास कार्यालय, आगरा के सहायक निदेशक श्री अभिषेक सिंह ने स्वागत भाषण के साथ किया। उन्होंने प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना की रूपरेखा बताते हुए कारीगरों को अपने उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने और निर्यात शुरू करने के तरीकों की जानकारी दी।इसके बाद एसपीसी मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट, डॉ. बी.आर. अंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा की प्रोफेसर डॉ. सीमा सिंह ने बाजार, ब्रांडिंग और पैकेजिंग से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रशिक्षण दिया। उन्होंने लाभार्थियों को सही मूल्य निर्धारण, बाजार के रुझान, प्रभावी बिक्री, ई-कॉमर्स तथा पैकेजिंग और डिजाइन के माध्यम से उत्पाद की ब्रांड वैल्यू बढ़ाने के तरीके बताए।वहीं, ONDC और ई-कॉमर्स पर NearShop के प्रतिनिधि श्री प्रमोद कुमार ने ऑनलाइन बिक्री के फायदे और ONDC प्लेटफॉर्म से जुड़ने की प्रक्रिया समझाई।राजकीय आईटीआई, आगरा के डॉ. सुनील कुमार ने उद्यमिता विकास पर जानकारी देते हुए व्यवसाय को आगे बढ़ाने में एंटरप्रेन्योर माइंडसेट की भूमिका को समझाया।वित्तीय साक्षरता और डिजिटल पेमेंट के सत्र में इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक, आगरा के वरिष्ठ प्रबंधक श्री पंकज यादव ने प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के लाभार्थियों को वित्तीय प्रबंधन, डिजिटल भुगतान और QR कोड जनरेशन से संबंधित जानकारी दी।कार्यक्रम का उद्देश्य पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को आधुनिक तकनीक, डिजिटल कॉमर्स, ब्रांडिंग और बाजार की नई संभावनाओं से जोड़कर उनके उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराना रहा।






