आगरा। ताजमहल को प्रदूषण से बचाने के लिए ताज ट्रिपेजियम जोन यानी TTZ क्षेत्र में कोयला और लकड़ी जैसे प्रदूषण फैलाने वाले ईंधनों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध है। इसके बावजूद कई होटल, रेस्टोरेंट और कैफे में कोयले की भट्ठियां और तंदूर जलाए जाने की शिकायतों के बाद आगरा नगर निगम ने कार्रवाई तेज कर दी है।नगर निगम की टीम और टास्क फोर्स लगातार होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों का औचक निरीक्षण कर रही है। इसी अभियान के तहत फतेहाबाद रोड क्षेत्र में कई प्रतिष्ठानों पर कोयले की तंदूर भट्ठियां जलती हुई मिलीं, जिसके बाद संबंधित संचालकों पर जुर्माना लगाया गया।कार्रवाई के दौरान उड़ता पंजाब रेस्टोरेंट पर 8 हजार रुपये, बीकानेरवाला पर 10 हजार रुपये, पिरामिड रेस्टोरेंट पर 15 हजार रुपये, जिमबोरा क्लब पर 10 हजार रुपये, मैकडॉनल्ड्स पर 8 हजार रुपये और टू सेंट बार कैफे पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।वहीं, रोमियो लाइन कैफे में तंदूर की भट्ठी मिलने पर 20 हजार रुपये का जुर्माना ठोका गया।नगर निगम के अधिकारियों के मुताबिक, इन प्रतिष्ठानों में प्रतिबंधित ईंधन से तंदूर और भट्ठियां संचालित होती पाई गईं, जिसके चलते नियमानुसार कार्रवाई की गई।नगर निगम अधिकारी योगेंद्र कुमार कुशवाहा ने बताया कि TTZ क्षेत्र में प्रतिबंधित कोयले और लकड़ी के इस्तेमाल को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि होटल और रेस्टोरेंट संचालकों द्वारा कोयले के प्रतिबंधित तंदूर जलाना बंद किए जाने तक यह अभियान लगातार जारी रहेगा।नगर निगम की इस कार्रवाई का उद्देश्य ताजमहल और आगरा के पर्यावरण को प्रदूषण से बचाना है। अधिकारियों ने साफ किया है कि आगे भी औचक निरीक्षण और छापेमारी जारी रहेगी और नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों पर जुर्माना समेत अन्य कार्रवाई की जाएगी।छापेमारी के दौरान नगर निगम के अधिकारी, ZSO, टास्क फोर्स के जवान और अन्य कर्मचारी मौजूद रहे
संवाददाता: राकेश शर्मा





