आगरा में जिला पोषण समिति की समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी मनीष बंसल ने बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की कार्यप्रणाली पर कड़ा रुख अपनाया। बैठक में बच्चों के गलत वजन दर्ज होने, प्रशिक्षण में लापरवाही, रिक्त पदों और अधूरे कार्यों को लेकर अधिकारियों को फटकार लगाई गई। वहीं जिला कार्यक्रम अधिकारी की कार्यप्रणाली पर भी जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला पोषण समिति की समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी मनीष बंसल ने विभागीय योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की।बैठक के दौरान पिछली समीक्षा में 23 बच्चों का गलत वजन दर्ज पाए जाने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित आंगनबाड़ी केंद्रों की रेंडम जांच कराने और दोषी कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए।समीक्षा में प्रशिक्षण कार्य संतोषजनक न मिलने पर सीडीपीओ और जिला कार्यक्रम अधिकारी की जवाबदेही तय करते हुए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद में 386 आंगनबाड़ी पद रिक्त हैं, इसलिए भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू कराई जाए। साथ ही गंभीर कुपोषित यानी सैम श्रेणी के सभी बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्रों में भर्ती कर उपचार सुनिश्चित किया जाए।बैठक में पोषण वाटिकाओं की स्थिति की संयुक्त जांच के लिए मुख्य विकास अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी और डीसी एनआरएलएम को जिम्मेदारी सौंपी गई।बिचपुरी और अकोला परियोजनाओं की कार्य प्रगति शून्य मिलने पर संबंधित सीडीपीओ के स्थानांतरण के निर्देश भी दिए गए।इसके अलावा आंगनबाड़ी भवनों के लंबित निर्माण कार्य, सक्षम केंद्रों को शीघ्र पूरा कराने और प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना में अधिक से अधिक पात्र महिलाओं का पंजीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने जिला कार्यक्रम अधिकारी की कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए विभागीय प्रमुख सचिव और निदेशक को अवगत कराने, शो-कॉज नोटिस जारी करने तथा निलंबन की चेतावनी देने के निर्देश दिए।बैठक में मुख्य विकास अधिकारी प्रतिभा सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी मनोज मौर्य, डिप्टी सीएमओ डॉ. सुरेंद्र मोहन प्रजापति सहित सभी संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।





