आगरा, 21 सितंबर। ताज नगरी आगरा के होटल ताज में सोमवार को इंडियन वेडिंग इंडस्ट्रीज कॉनक्लेव एंड एक्सपो के द्वितीय संस्करण का भव्य शुभारंभ हुआ। उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने फीता काटकर एक्सपो का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया और वेडिंग इंडस्ट्री, होटल एवं पर्यटन क्षेत्र से जुड़े उद्यमियों से संवाद कर उनके कार्यों और संभावनाओं की जानकारी ली।
कॉनक्लेव को संबोधित करते हुए पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार पर्यटन और वेडिंग इंडस्ट्री के विकास के लिए उद्यमियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि नई पर्यटन नीति, बेहतर कानून-व्यवस्था, सुरक्षा, सुविधाओं, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में किए गए कार्यों से प्रदेश में निवेश के लिए सकारात्मक वातावरण तैयार हुआ है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 में पर्यटन क्षेत्र को उद्योग का दर्जा देकर नई पर्यटन नीति लागू की गई। इसके तहत पात्र पर्यटन इकाइयों को पूंजीगत निवेश पर 25 प्रतिशत तक सब्सिडी का प्रावधान है। वहीं महिला उद्यमियों तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के निवेशकों के लिए अतिरिक्त 5 प्रतिशत पूंजीगत अनुदान की व्यवस्था की गई है।
पर्यटन मंत्री ने कहा कि सरकार पर्यटन के नए क्षेत्रों को विकसित करने पर विशेष जोर दे रही है। ऐतिहासिक किले, महल, हवेलियां, हेरिटेज स्थल, फार्म-स्टे और होम-स्टे को पर्यटन एवं डेस्टिनेशन वेडिंग के प्रमुख केंद्रों के रूप में विकसित करने की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। उन्होंने वेडिंग इंडस्ट्री से जुड़े उद्यमियों से इन क्षेत्रों में आगे आकर निवेश करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में पर्यटन के लिए 12 प्रमुख पर्यटन सर्किट विकसित किए जा रहे हैं। डेस्टिनेशन वेडिंग, हेरिटेज टूरिज्म, इको-टूरिज्म, एडवेंचर टूरिज्म, होटल, रिसॉर्ट और वेलनेस जैसे क्षेत्रों में निवेश की व्यापक संभावनाएं हैं। सरकार पर्यटन स्थलों तक सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी के साथ-साथ अन्य बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में लगातार काम कर रही है।
जयवीर सिंह ने कहा कि वेडिंग इंडस्ट्री रोजगार सृजन का भी बड़ा माध्यम है। इससे वेडिंग प्लानर, कैटरर, होटल एवं हॉस्पिटैलिटी विशेषज्ञ, फैशन डिजाइनर, फोटोग्राफर, कलाकार, मेकअप आर्टिस्ट, ज्वेलरी डिजाइनर, डेकोरेटर, फूल विक्रेता, लाइटिंग और इवेंट से जुड़े लोगों को रोजगार और आजीविका के अवसर मिलते हैं। पर्यटन और वेडिंग इंडस्ट्री के विकास से स्थानीय स्तर पर व्यापार, हस्तशिल्प और रोजगार को भी बढ़ावा मिलता है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पर्यटन संवर्धन योजना के तहत प्रदेश के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में कम से कम एक पर्यटन अथवा धार्मिक स्थल के विकास और सौंदर्यीकरण का कार्य किया जा रहा है। इन स्थलों पर सड़क, शेड, पार्किंग सहित आवश्यक आधारभूत सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।
पर्यटन मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ऐतिहासिक और हेरिटेज स्थलों को डेस्टिनेशन वेडिंग के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य कर रही है। यदि उद्योग जगत के लोग पर्यटन, होटल, हेरिटेज, वेलनेस या वेडिंग इंडस्ट्री से संबंधित परियोजनाओं में निवेश करना चाहते हैं, तो उन्हें पर्यटन नीति के तहत निर्धारित प्रोत्साहन और सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिए कि निवेशकों और उद्यमियों को सरकार की पर्यटन नीति, उपलब्ध प्रोत्साहनों तथा केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पर्यटन और निवेश के लिए सुरक्षित एवं सुविधाजनक वातावरण तैयार करने के साथ ही पर्यटन स्थलों की कनेक्टिविटी और आधारभूत सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है।
कार्यक्रम में क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी शक्ति सिंह, वेडिंग इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष मनीष अग्रवाल सहित देश के विभिन्न राज्यों से आए वेडिंग इंडस्ट्री, होटल, पर्यटन एवं अन्य क्षेत्रों से जुड़े बड़ी संख्या में उद्यमी और प्रतिनिधि मौजूद रहे।






