आगरा खेरागढ़ तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी मनीष बंसल ने फरियादियों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं और संबंधित अधिकारियों को शिकायतों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। समाधान दिवस में कुल 101 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 11 शिकायतों का मौके पर ही तत्काल निस्तारण कराया गया।प्राप्त शिकायतों में सबसे अधिक मामले राजस्व विभाग से जुड़े रहे। कुल 101 शिकायतों में 65 राजस्व, 15 पुलिस, 7 विकास, 5 समाज कल्याण, 3 विद्युत, 2 नगर पंचायत, 3 जल निगम और 1 अन्य विभाग से संबंधित शिकायतें शामिल थीं। इनमें भूमि विवाद, चकरोड निर्माण एवं अतिक्रमण, नाली निर्माण, अवैध कब्जे, विद्युत, पेंशन और राशन से जुड़ी समस्याएं प्रमुख रहीं।लेखपालों को गांव में प्रतिदिन बैठने के सख्त निर्देशभूमि पैमाइश, चकरोड और तालाबों पर कब्जे सहित राजस्व से जुड़े मामलों में शिथिलता पाए जाने पर जिलाधिकारी ने संबंधित लेखपालों को तलब कर कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने सभी लेखपालों को प्रतिदिन गांव में बैठकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनने और शिकायतों का प्रभावी निस्तारण करने के निर्देश दिए।डीएम ने स्पष्ट चेतावनी दी कि जो लेखपाल गांव में नहीं बैठेंगे या शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरतेंगे, उन्हें चिह्नित कर उनके विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।पिछली शिकायतों के निस्तारण की भी हुई समीक्षाजिलाधिकारी ने 18 अगस्त 2026 को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की भी समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से निस्तारण की आख्या तलब की और जिला पूर्ति अधिकारी आनंद कुमार सिंह को शिकायतकर्ताओं से फोन पर संपर्क कर निस्तारण का फीडबैक लेने के निर्देश दिए।फीडबैक में शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं प्रभावी निस्तारण नहीं पाए जाने पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को तलब कर कड़ी फटकार लगाई। साथ ही राजस्व संहिता की धारा-24 के लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए।समाधान दिवस में खुद नहीं पहुंचे अधिकारी, डीएम नाराजसंपूर्ण समाधान दिवस में स्वयं उपस्थित न होकर अपने स्थान पर प्रतिस्थानी भेजने वाले अधिकारियों पर भी जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, पीओ डूडा, बीएसए, अधिशासी अभियंता जल निगम, अधिशासी अभियंता लघु सिंचाई और अधिशासी अधिकारी खेरागढ़ द्वारा स्वयं उपस्थित न होने पर डीएम ने एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश दिए।जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि संपूर्ण समाधान दिवस में संबंधित अधिकारियों की स्वयं उपस्थिति अनिवार्य है। जनसमस्याओं के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।पेंशन आवेदकों के लिए मौके पर लगाया गया कैंपवृद्धावस्था एवं निराश्रित महिला पेंशन सहित विभिन्न पेंशन से जुड़े आवेदनों के निस्तारण के लिए जिलाधिकारी ने जिला समाज कल्याण अधिकारी को मौके पर तलब किया। उन्होंने तहसील परिसर में कैंप लगाकर प्राप्त आवेदनों का तत्काल एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।जीवित महिला को मृत दिखाकर जमीन पर कराया गया फर्जी ऋणसंपूर्ण समाधान दिवस में ग्राम रोहता निवासी गीता देवी पत्नी परषोत्तम ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि उन्हें जीवित होने के बावजूद अभिलेखों में मृत दर्शाकर फर्जी वारिसी की गई और उनकी भूमि पर किसी अन्य महिला को बैंक से ऋण दिलाया गया।मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने जांच के निर्देश दिए। उन्होंने नकल खतौनी में दर्ज फर्जी ऋण की प्रविष्टि तत्काल हटवाने तथा संबंधित राजस्व निरीक्षक चुन्नीलाल और लेखपाल मधुरेश तिवारी के विरुद्ध विभागीय जांच कर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।जिलाधिकारी ने कहा कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े गरीब और असहाय लोगों की जमीन से जुड़े मामलों में किसी भी तरह का फर्जीवाड़ा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने वाले अधिकारी या कर्मचारी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान एसडीएम नरेंद्र गंगवार, तहसीलदार सुरभि राय, एसीपी सुनीता चौहान, प्रभारी सीएमओ डॉ. अमित रावत, पीडी डीआरडीए रेनू कुमारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी नागेन्द्र पाल सिंह, उपनिदेशक कृषि मुकेश कुमार, डीपीआरओ मनीष कुमार, सहायक श्रमायुक्त शगुन, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक ऋषिकेश बनर्जी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।





