आगरा, प्रदेश के आलू उत्पादक किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने और निजी शीतगृहों में भंडारित आलू की शत-प्रतिशत निकासी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शनिवार को आगरा में दो दिवसीय आलू क्रेता-विक्रेता (B2B मीट) सम्मेलन का शुभारंभ हुआ।फतेहाबाद रोड स्थित होटल ग्रैंड मर्क्योर में आयोजित सम्मेलन का शुभारंभ उत्तर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) उद्यान, कृषि विपणन, कृषि निवेश, व्यापार एवं कृषि निर्यात श्री दिनेश प्रताप सिंह ने विधायक फतेहाबाद श्री छोटे लाल वर्मा की गरिमामयी उपस्थिति में दीप प्रज्ज्वलित कर किया।सम्मेलन में देशभर के व्यापारी, एक्सपोर्टर, कोल्ड स्टोरेज एसोसिएशन के प्रतिनिधि तथा प्रदेश के 31 जनपदों से आए आलू उत्पादक किसान शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान आलू की भंडारण, प्रसंस्करण, गुणवत्ता, उत्पादन तकनीक, मूल्य संवर्धन और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर किसानों, व्यापारियों और एक्सपोर्टरों के बीच चर्चा हुई।एक्सपोर्टर कंपनियों ने किसानों के साथ किए एमओयूकार्यक्रम में विभिन्न एक्सपोर्टर कंपनियों और आलू उत्पादक किसानों के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। इसके माध्यम से किसानों की उपज को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने और आलू के निर्यात को बढ़ावा देने की दिशा में कदम बढ़ाया गया।इसके साथ ही भामाशाह भाव स्थिरता कोष योजना तथा निजी शीतगृहों में भंडारित आलू के भंडारण शुल्क में राहत से संबंधित योजनाओं के लाभार्थी किसानों को चेक भी वितरित किए गए।किसानों को बाजार भाव गिरने पर मिलेगी राहतसम्मेलन को संबोधित करते हुए उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार आलू उत्पादक किसानों के हितों को लेकर गंभीर है। बाजार में आलू की कीमतों में गिरावट आने पर किसानों को आर्थिक नुकसान से बचाने के लिए भामाशाह भाव स्थिरता कोष योजना लागू की गई है।उन्होंने बताया कि बाजार भाव उत्पादन लागत से कम होने की स्थिति में लागत और बिक्री दर के अंतर के आधार पर किसानों को अनुदान दिया जा रहा है। इसके लिए सरकार ने 1,000 करोड़ रुपये का भावांतर भुगतान कोष तैयार किया है।उन्होंने कहा कि निजी शीतगृहों में भंडारित आलू के भंडारण प्रभार पर भी किसानों को राहत दी जा रही है। योजना के तहत किसानों को 100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भंडारण शुल्क पर अनुदान दिया जा रहा है। लाभार्थियों को राहत राशि सीधे उनके आधार-लिंक्ड बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से भेजने की व्यवस्था की गई है।मंडी शुल्क माफ करने पर भी सरकार कर रही विचारउद्यान मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों को हर स्तर पर राहत देने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि आलू किसानों के मंडी शुल्क को माफ करने पर भी सरकार विचार कर रही है। उन्होंने किसानों को आश्वस्त करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार आलू उत्पादकों को अकेला नहीं छोड़ेगी और उनके हितों के लिए लगातार काम करती रहेगी।आगरा में खुलेगा अंतरराष्ट्रीय आलू अनुसंधान केंद्र की शाखामंत्री ने कहा कि आगरा में जल्द ही अंतरराष्ट्रीय आलू अनुसंधान केंद्र, पेरू-लीमा की शाखा शुरू किए जाने की दिशा में कार्य चल रहा है। उन्होंने बताया कि इसका शुभारंभ भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कर-कमलों से होने की उम्मीद है।उन्होंने कहा कि अनुसंधान केंद्र के माध्यम से उच्च गुणवत्ता वाले आलू बीज की उपलब्धता बढ़ेगी और किसानों को आधुनिक तकनीक का लाभ मिलेगा। साथ ही आलू की गुणवत्ता में सुधार कर उसे अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। क्षेत्र में विभिन्न प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना से भी किसानों को लाभ मिलने की बात कही गई।जेवर एयरपोर्ट से आलू निर्यात को मिलेगा बढ़ावामंत्री ने बताया कि जेवर एयरपोर्ट पर आलू के निर्यात की सरल प्रक्रिया और आवश्यक सर्टिफिकेशन के लिए भवन का निर्माण जल्द पूरा होगा। इससे प्रदेश के किसानों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच आसान होगी।उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार आलू के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न राज्यों और देशों के साथ लगातार प्रयास कर रही है। ओडिशा सरकार के साथ बैठक के अलावा रूस, मलेशिया समेत अन्य देशों में आलू निर्यात की संभावनाएं तलाशने पर भी काम किया जा रहा है। इसके लिए उद्यान विभाग के अधिकारियों को विभिन्न राज्यों में निर्यात की संभावनाओं का अध्ययन करने के लिए भेजा गया है।किसानों से औद्यानिक फसलों की ओर बढ़ने की अपीलश्री दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि आलू गरीब से लेकर अमीर तक सभी की थाली का महत्वपूर्ण हिस्सा है। आलू की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव का असर किसानों पर न पड़े, इसके लिए सरकार गंभीरता से काम कर रही है।उन्होंने किसानों से फूल, फल, सब्जी और मसालों जैसी औद्यानिक फसलों की खेती को बढ़ावा देने की अपील की। उन्होंने कहा कि इन फसलों से किसानों को बेहतर आय के अवसर मिल सकते हैं।कार्यक्रम में निदेशक भानु प्रकाश राम, संयुक्त निदेशक राजीव वर्मा, उत्तर प्रदेश कोल्ड स्टोरेज एसोसिएशन की अध्यक्ष तृप्ति सिंह, उपनिदेशक नीरज कौशल, धर्मपाल, जिला उद्यान अधिकारी मनोज चतुर्वेदी, अधीक्षक उद्यान रजनीश पांडे सहित संबंधित विभागों के अधिकारी, एक्सपोर्टर, व्यापारी और बड़ी संख्या में आलू उत्पादक किसान मौजूद रहे।






