जिलाधिकारी मनीष बंसल की अध्यक्षता में हुई बैठक में कांवड़ यात्रा और श्रावण मास के दौरान सुरक्षा, स्वच्छता, स्वास्थ्य, बिजली, पेयजल और यातायात व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। डीएम ने कहा कि सभी तैयारियां समय से पूरी हों ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।:बैठक में राजेश्वर महादेव, मनकामेश्वर, कैलाश महादेव, बल्केश्वर महादेव, पृथ्वीनाथ महादेव, रावली महादेव और बटेश्वरनाथ समेत प्रमुख शिवालयों की व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। मंदिर परिसरों और कांवड़ मार्गों पर साफ-सफाई, बैरिकेडिंग, सीसीटीवी निगरानी, पर्याप्त पुलिस बल और श्रद्धालुओं के सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। डीएम ने बिजली विभाग को सभी विद्युत पोल, स्ट्रीट लाइट और लाइनों की जांच कर खुले तार, करंट लीकेज जैसी समस्याओं को तुरंत दूर करने के निर्देश दिए। नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायत और ग्राम पंचायतों को पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, डस्टबिन, फॉगिंग और एंटी-लार्वा छिड़काव की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। :सभी वरिष्ठ अधिकारियों को प्रमुख शिवालयों और कांवड़ मार्गों का स्थलीय निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। खुले मैनहोल, क्षतिग्रस्त स्लैब, नालों और अन्य संभावित खतरों को तत्काल ठीक कराने के साथ-साथ अप्रोच मार्गों की मरम्मत भी कराई जाएगी। बटेश्वर क्षेत्र में प्रत्येक सोमवार श्रद्धालुओं की अधिक भीड़ को देखते हुए गोताखोरों, नावों, फ्लड रेस्क्यू उपकरणों, घाटों पर बैरिकेडिंग और सुरक्षा जाल की व्यवस्था के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही एंबुलेंस, मेडिकल टीम, फायर ब्रिगेड और 108 एंबुलेंस सेवा भी हर समय उपलब्ध रहेगी।:कांवड़ शिविरों और भंडारों में स्वच्छता तथा खाद्य सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं मेट्रो निर्माण से प्रभावित मार्गों पर पुलिस और यातायात विभाग के समन्वय से प्रभावी ट्रैफिक प्रबंधन और जरूरत पड़ने पर डायवर्जन प्लान लागू किया जाएगा। जिलाधिकारी ने बताया कि श्रावण मास के दौरान 4 अगस्त को चेहल्लुम और 26 अगस्त को बारावफात भी आयोजित होगा। ऐसे में सभी अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और सभी धर्मों की भावनाओं का सम्मान करते हुए शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण माहौल बनाए रखने के निर्देश दिए गए।





