आगरा,भारत के रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह रविवार को आगरा पहुंचे। खेरिया एयरपोर्ट पर जनपद के जनप्रतिनिधियों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका भव्य स्वागत किया। इसके बाद रक्षा मंत्री खंदारी स्थित आरबीएस कॉलेज के राव कृष्णपाल सिंह ऑडिटोरियम में अखिल भारतीय खटीक समाज के तत्वावधान में आयोजित खटीक गर्जना सम्मेलन में शामिल हुए। सम्मेलन में समाज के गणमान्य लोगों ने उनका चांदी का मुकुट, तलवार और स्मृति चिह्न भेंट कर स्वागत किया। रक्षा मंत्री ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।सम्मेलन को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने कहा कि खटीक समाज का इतिहास त्याग, पराक्रम, सेवा, समर्पण और राष्ट्रभक्ति से भरा हुआ है, लेकिन इतिहास में समाज के योगदान को वह स्थान नहीं मिला, जिसका वह हकदार है। अब आवश्यकता है कि खटीक समाज के गौरवशाली इतिहास का पुनर्लेखन किया जाए और समाज के योगदान को सही रूप में देश और दुनिया के सामने लाया जाए।उन्होंने संत दुर्बल नाथ जी की 165वीं जयंती का उल्लेख करते हुए कहा कि संत दुर्बल नाथ जी केवल खटीक समाज के संत नहीं थे, बल्कि पूरे भारतीय समाज के संत थे। उनके विचार और संदेश सभी के लिए प्रेरणादायी हैं। उन्होंने कहा कि खटीक समाज ने देश, धर्म और संस्कृति की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। प्राचीन काल से लेकर 1857 के स्वतंत्रता संग्राम और आजादी की लड़ाई तक समाज के लोगों ने साहस और वीरता का परिचय दिया।रक्षा मंत्री ने कहा कि जब भी देश और सनातन संस्कृति पर संकट आया, खटीक समाज के लोग सबसे आगे खड़े रहे। उन्होंने कहा कि समाज की पहचान केवल किसी एक पेशे से नहीं, बल्कि वीरता, सेवा, समर्पण और परिश्रम से है। उन्होंने इतिहास के विभिन्न प्रसंगों और संत कन्नप्पा नयनार सहित अनेक उदाहरणों का उल्लेख करते हुए समाज की गौरवशाली परंपरा को रेखांकित किया।श्री राजनाथ सिंह ने कहा कि मुगल औरंगजेब के दौर में भी खटीक समाज के लोगों ने संघर्ष किया और यातनाएं सहने के बावजूद अपना धर्म नहीं छोड़ा। अंग्रेजों के खिलाफ स्वतंत्रता संघर्ष से लेकर राम मंदिर आंदोलन तक समाज के लोगों ने अग्रिम पंक्ति में रहकर अपनी भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि विभाजन के समय पाकिस्तान से आए शरणार्थियों की सहायता में भी समाज के लोगों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।उन्होंने कहा कि समाज को अब अपनी मेहनत और संघर्ष की परंपरा के साथ शिक्षा और सशक्तिकरण को जोड़ना होगा। बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाने, महिलाओं और बेटियों को सशक्त बनाने तथा युवाओं के लिए नए अवसर पैदा करने पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के संदेश “शिक्षित बनो, संघर्ष करो और संगठित हो” को अपनाने का आह्वान किया।रक्षा मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार गरीब और पिछड़े वर्गों के बच्चों की शिक्षा, छात्रवृत्ति, उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और रोजगार के अवसरों के लिए लगातार कार्य कर रही है। सरकार का प्रयास है कि आर्थिक अभाव के कारण किसी बच्चे की पढ़ाई न रुके और अवसरों की कमी के कारण कोई युवा पीछे न छूटे।उत्तर प्रदेश के विकास का उल्लेख करते हुए श्री राजनाथ सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में तेजी से विकास हो रहा है। औद्योगिक कॉरिडोर, मेट्रो और आधुनिक बुनियादी ढांचे का विस्तार हो रहा है। ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट’ जैसी योजनाओं के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को देश और दुनिया में पहचान मिल रही है।उन्होंने समाज में जाति और धर्म के नाम पर विभाजन की राजनीति से बचने की अपील करते हुए कहा कि किसी के बहकावे में आकर समाज को बंटने नहीं देना है। प्रेम, सहयोग और भाईचारे की भावना को मजबूत करना होगा। उन्होंने कहा, “टूटने से बिखरेंगे और जुड़ने से निखरेंगे।”रक्षा मंत्री ने कहा कि सामाजिक समरसता से शांति, शांति से समृद्धि और समृद्धि से विकास की गति तेज होती है। उन्होंने सभी लोगों से विकसित भारत के निर्माण में मिल-जुलकर योगदान देने का आह्वान किया।गरीब बेटी की पायल के लिए चांदी का मुकुट समाज को सौंपासम्मेलन के दौरान रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने अपने सम्मान में भेंट किए गए चांदी के मुकुट को समाज को वापस सौंपते हुए कहा कि इसे खटीक समाज की किसी गरीब बेटी के विवाह में उसकी पायल के लिए दान कर दिया जाए। उनके इस निर्णय की सम्मेलन में मौजूद लोगों ने सराहना की।कार्यक्रम के दौरान रक्षा मंत्री ने कारगिल शहीद की वीर नारी को भी सम्मानित किया।






