आगरा से एक प्रेरणादायक खबर — इंसानियत की मिसाल बने आराम सिंह गुर्जर
आगरा में जहां एक ओर भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग अपने कामों में व्यस्त हैं, वहीं एक समाजसेवी ऐसे भी हैं जो बिना किसी स्वार्थ के जरूरतमंदों की मदद में जुटे हुए हैं। हम आपको मिलवाते हैं आराम सिंह गुर्जर से, जो पिछले तीन वर्षों से लगातार मानवता की मिसाल पेश कर रहे हैं।
आराम सिंह गुर्जर उन बच्चों के लिए सहारा बने हैं, जो रोज़ पैदल स्कूल जाने को मजबूर होते हैं, और उन बुजुर्गों के लिए भी उम्मीद की किरण हैं, जिनके पास किराया देने तक के पैसे नहीं होते। वे अपने ई-रिक्शा के माध्यम से ऐसे लोगों को निशुल्क सेवा प्रदान कर रहे हैं।
चाहे तपती धूप हो, सर्दी हो या बारिश — आराम सिंह गुर्जर हर दिन बिना थके अपनी सेवा में जुटे रहते हैं। उनके इस प्रयास से न केवल बच्चों को समय पर स्कूल पहुंचने में मदद मिल रही है, बल्कि बुजुर्गों को भी राहत मिल रही है।
सबसे खास बात यह है कि उन्होंने इस सेवा को कोई अभियान या दिखावा नहीं बनाया, बल्कि इसे अपनी जिम्मेदारी समझकर निभा रहे हैं। उनके इस कार्य से समाज में एक सकारात्मक संदेश जा रहा है कि अगर इरादा नेक हो, तो छोटे-छोटे प्रयास भी बड़ी मिसाल बन सकते हैं।
आज के समय में जब लोग छोटी-छोटी मदद के लिए भी सोचते हैं, ऐसे में आराम सिंह गुर्जर जैसे लोग समाज के लिए प्रेरणा हैं। उनका यह निस्वार्थ भाव सच में सराहनीय है और हम सभी के लिए एक सीख भी।
ऐसे समाजसेवियों को हमारा सलाम।
संवाददाता राम माहौर




