आगरा के प्रमुख सांस्कृतिक केंद्र सूरसदन में रविवार को आयोजित काव्य संध्या घर के वास्ते” साहित्य प्रेमियों के लिए यादगार शाम बन गई। कार्यक्रम में शहर ही नहीं आसपास के कई जिलों से भी बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी पहुंचे।कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद लोकप्रिय युवा कवि स्वयं श्रीवास्तव ने परिवार, रिश्तों, प्रेम, सामाजिक सरोकारों और मानवीय संवेदनाओं पर आधारित अपनी चर्चित कविताओं का पाठ किया। उनकी सहज शैली, प्रभावशाली प्रस्तुति और हास्य-व्यंग्य से भरपूर अंदाज ने श्रोताओं को भावुक भी किया और खूब गुदगुदाया।इसके बाद मंच पर आईं चर्चित कवयित्री मानिका दुबे, जिन्होंने नारी संवेदना, समकालीन समाज और जीवन के विभिन्न पहलुओं पर आधारित अपनी सशक्त रचनाओं से पूरे सभागार को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनकी ओजपूर्ण और भावपूर्ण प्रस्तुति पर दर्शकों ने जोरदार तालियों से स्वागत किया।इस भव्य आयोजन का आयोजन ओ एस एस इंस्टालेशन सर्विसेज के सहयोग से ध्वनि म्यूज़िक द्वारा किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षाविद, साहित्यकार, युवा, सामाजिक कार्यकर्ता और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।इस अवसर पर मुख्य अतिथि रोहतास श्रीवास्तव, कार्यक्रम अध्यक्ष शंभू नाथ चौबे तथा आयोजकों दीपक जैन, विनय जैन, आशीष दुबे और आकाश ग्लोबल सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।आयोजकों ने बताया कि ऐसे आयोजनों का उद्देश्य युवाओं को साहित्य और संस्कृति से जोड़ना तथा समाज में सकारात्मक विचारों का प्रसार करना है। कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों, श्रोताओं और मीडिया प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया गया।सफल आयोजन ने एक बार फिर साबित कर दिया कि आगरा केवल ऐतिहासिक धरोहरों का शहर ही नहीं, बल्कि साहित्य और संस्कृति की समृद्ध परंपरा का भी महत्वपूर्ण केंद्र है।





