आगरा, 16 सितंबर। शहर में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) के उपयोग को बढ़ावा देने और पीएनजी सुविधा वाले क्षेत्रों को एलपीजी-मुक्त करने की प्रक्रिया को लेकर जिला पूर्ति अधिकारी आनंद कुमार सिंह की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक में ग्रीन गैस लिमिटेड (GGL) के साथ भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL), हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) के प्रतिनिधि तथा गैस एजेंसियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
बैठक में पीएनजी को बढ़ावा देने, उपभोक्ताओं को जागरूक करने और चिन्हित बहुमंजिला सोसायटियों में एलपीजी से पीएनजी की ओर स्थानांतरण की प्रक्रिया की प्रगति की समीक्षा की गई। जिला पूर्ति अधिकारी ने सभी संबंधित विभागों और कंपनियों को आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
आगरा में पीएनजी का बुनियादी ढांचा उपलब्ध होने वाली 64 बहुमंजिला सोसायटियों को चिन्हित किया गया है। जीजीएल के अनुसार इन सभी सोसायटियों में नोटिस चस्पा करने के साथ 5,806 घरों में व्यक्तिगत रूप से नोटिस वितरित किए जा चुके हैं। वहीं, संबंधित तेल विपणन कंपनियों ने भी अपने एलपीजी उपभोक्ताओं को नोटिस देना शुरू कर दिया है।
बैठक में उन सोसायटियों की भी समीक्षा की गई, जहां निर्धारित 90 दिनों की नोटिस अवधि पूरी हो चुकी है। प्रारंभिक चरण में अपर्णा रिवर व्यू, फ्रेंड्स आशियाना, फ्रेंड्स पैराडाइज और मातंगी टावर के एलपीजी उपभोक्ताओं का विवरण मौजूदा सप्ताह में जीजीएल को उपलब्ध कराने पर सहमति बनी है। इसके बाद जीजीएल नियमानुसार संबंधित उपभोक्ताओं से संपर्क करेगा।
इसके अलावा, गैसीकृत क्षेत्रों में ऐसे करीब 3,600 पीएनजी उपभोक्ताओं की स्थिति की भी समीक्षा की गई, जिनके कनेक्शन बकाया बिल के कारण काट दिए गए थे और बाद में उन्होंने एलपीजी का इस्तेमाल शुरू कर दिया। जीजीएल की ओर से इन उपभोक्ताओं को बकाया राशि जमा कर पीएनजी कनेक्शन बहाल कराने के लिए नोटिस जारी किए जा चुके हैं।
बैठक में जीजीएल और तेल विपणन कंपनियों के बीच समन्वय को लेकर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने निर्देश दिए कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से पूरी की जाए, ताकि पीएनजी का अधिक से अधिक उपयोग सुनिश्चित हो सके और पहले से उपलब्ध पीएनजी बुनियादी ढांचे का प्रभावी इस्तेमाल किया जा सके।
जिला पूर्ति अधिकारी ने सभी संबंधित पक्षों से समय पर कार्रवाई और बेहतर आपसी समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया।





