आगरा। विकासखंड शमसाबाद के पीएम श्री उच्च प्राथमिक विद्यालय चितौरा में शिक्षा को आधुनिक, गतिविधि आधारित और कौशलपरक बनाने की दिशा में लगातार नवाचार किए जा रहे हैं। पीएम श्री योजना के तहत चयनित होने के बाद विद्यालय में डिजिटल शिक्षा, विज्ञान, खेल, कला और सह-शैक्षिक गतिविधियों का विस्तार हुआ है।विद्यालय में 11 कंप्यूटरों से युक्त आईसीटी लैब और डिजिटल पुस्तकालय की सुविधा उपलब्ध है, जिससे बच्चों को डिजिटल संसाधनों और ऑनलाइन शैक्षिक सामग्री से सीखने का अवसर मिल रहा है। वहीं विज्ञान प्रयोगशाला में विद्यार्थी प्रयोगों के जरिए वैज्ञानिक सिद्धांतों को समझ रहे हैं।बच्चों के ज्ञान को कक्षा से बाहर तक पहुंचाने के लिए एडीआरडीई-डीआरडीओ, आगरा किला और ताजमहल जैसे महत्वपूर्ण स्थलों के शैक्षिक भ्रमण भी कराए गए। इसके अलावा आत्मरक्षा प्रशिक्षण, मीना मंच, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता जागरूकता जैसी गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास पर भी जोर दिया जा रहा है।विद्यालय में खेलों को भी विशेष महत्व दिया जाता है। कबड्डी, खो-खो, बैडमिंटन, कुश्ती और दौड़ सहित विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित होती हैं। विद्यालय के विद्यार्थियों ने जिला स्तरीय प्रतियोगिताओं में गोला फेंक, चक्का फेंक और कुश्ती में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान हासिल कर विद्यालय का नाम रोशन किया है।परियोजना आधारित शिक्षण, मॉडल निर्माण, कला, हस्तकला, कविता, कहानी, भाषण और सांस्कृतिक गतिविधियों के जरिए बच्चों की रचनात्मकता और अभिव्यक्ति क्षमता को निखारा जा रहा है। साथ ही योग, पौधारोपण, जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण और कौशल आधारित गतिविधियों से विद्यार्थियों को जीवनोपयोगी ज्ञान दिया जा रहा है।विद्यालय में कैरियर मार्गदर्शन एवं परामर्श के माध्यम से बच्चों को भविष्य की संभावनाओं और विभिन्न व्यवसायों की जानकारी भी दी जा रही है।विद्यालय में किए जा रहे इन प्रयासों का असर नामांकन पर भी दिखाई दे रहा है। वर्ष 2023-24 में जहां विद्यालय में 134 विद्यार्थी थे, वहीं 2025-26 में संख्या बढ़कर 147 और वर्तमान सत्र में 163 हो गई है। बढ़ता नामांकन विद्यालय के प्रति अभिभावकों और समुदाय के बढ़ते विश्वास को दर्शाता है।पीएम श्री विद्यालय चितौरा में आधुनिक तकनीक, विज्ञान, खेल, कला, संस्कृति और कौशल को शिक्षा से जोड़कर विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है। इन प्रयासों से बच्चों को आत्मविश्वासी, रचनात्मक, तकनीकी रूप से दक्ष और जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए बेहतर वातावरण मिल रहा है।






