आगरा शासन एवं राज्य कर मुख्यालय के निर्देशों के क्रम में राज्य कर विभाग आगरा द्वारा 11 जुलाई 2026 को चाइनीज मांझा, सिंथेटिक मांझा तथा सीसा-लेपित डोरी के निर्माण, बिक्री और उपयोग पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से व्यापारी संवाद एवं संपर्क कार्यक्रम का आयोजन किया गया।कार्यक्रम के दौरान विभागीय अधिकारियों ने व्यापारियों को माननीय उच्च न्यायालय, लखनऊ खंडपीठ द्वारा जनहित याचिकाओं में पारित आदेशों की जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि चाइनीज और सिंथेटिक मांझे के उपयोग से लगातार दुर्घटनाएं और जनहानि की घटनाएं सामने आ रही हैं। ऐसे में इन खतरनाक धागों के निर्माण, बिक्री और उपयोग को पूरी तरह रोकना आवश्यक है।बैठक में व्यापारियों से अपील की गई कि वे प्रतिबंधित मांझे का निर्माण, भंडारण और विक्रय न करें तथा आम लोगों को भी इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करें।इस अवसर पर राज्य कर विभाग के उपायुक्त राहुल द्विवेदी, अनुराग चौधरी और पंकज मौर्य, सहायक आयुक्त विशाल गुप्ता, दीपांकर, के.के. मिश्रा, श्रीमती सांची रस्तोगी एवं श्रीमती दिव्या अग्रवाल सहित अन्य अधिकारियों ने व्यापारियों के साथ संवाद किया।कार्यक्रम में आगरा व्यापार मंडल के जय पुरुषनानी, राजू गुप्ता, मदन बाबू, अतुल अग्रवाल सहित विभिन्न व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और प्रतिबंधित चाइनीज मांझे की बिक्री रोकने में प्रशासन का सहयोग करने का आश्वासन दिया।राज्य कर विभाग ने सभी व्यापारियों और नागरिकों से अपील की है कि वे प्रतिबंधित चाइनीज एवं सिंथेटिक मांझे का उपयोग न करें और सुरक्षित तथा पर्यावरण-अनुकूल विकल्प अपनाकर जनहित में अपना सहयोग दें।





